विद्यालय पर चालाई जेसीबी !

राजनीति से प्रेरित बेहद अमानवीय घटना मिरा भाईंदर शहर के काशिमिरा परिसर में बीते रविवार 4 दिसंबर 2022 को प्रशासनिक छुट्टी के दिन घटी जब मिरा भाईंदर महानगरपालिका प्रशासन द्वारा गरीब फेरीवालों के हाथगाडियो और दुकानों के बाहर लगें छोटे मोटे पत्रा शेड तोड़ने के बाद अब काशिमिरा के गरीब बस्ती परिसर में कार्यरत एक विद्यालय को जेसीबी के सहारे जमींध्वस्त किया गया। अगले दिन सोमवार को बच्चे जब विद्यालय पहुंचे तो वे अपना टूटा हुआ विद्यालय देखकर बेहद हताश हो गए। 






मिरा भाईंदर महानगरलालिका प्रशासन के संबंधित विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर हमें जानकारी दी कि यह तोड़क कारवाई राजनीतिक उद्देश्य से की गई है। विद्यालय बनाने वाला ठाकरे गुट का समर्थक होने के कारण शिंदे गुट के स्थानीय समर्थक ने उक्त विद्यालय के विरुद्ध मनपा प्रशासन से शिकायत की थी। इस एक शिकायत पर मिरा भाईंदर मनपा के प्रशासक एवं आयुक्त दिलीप ढोले साहब के निर्देशन में उपायुक्त (अतिक्रमण) मारुति गायकवाड़ के मार्गदर्शन में प्रभाग समिती क्र. ०६ के सहाय्यक आयुक्त सचिन बच्चाव ने अपने सहकर्मियों के साथ उक्त विद्यालय के मालिक को नोटिस या पूर्व सूचना दिए बिना रविवार के दिन जेसीबी के सहारे पूर्ण विद्यालय को जमींध्वस्त कर दिया। 

ज्ञात रहे कि मिरा भाईंदर मनपा आयुक्त एवं प्रशासक दिलीप ढोले वर्तमान के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पेर्सन्सल सेक्रेटरी रह चुके है शायद इसलिए ही उन्हें शिंदे गुट के खास अधिकारियों की गिनती में गिना जाता है। इन दिनों मनपा आयुक्त दिलीप ढोले के निर्देशन में सिर्फ उन अवैध निर्माणों पर कारवाई की जा रही है जिनके ठाकरे गुट के समर्थकों से तार जुड़े हुए है।

विद्यालय पर हुई तोड़क कारवाई के बारे में मनपा प्रशासन का कहना है कि यह विद्यालय का निर्माण अवैध रूप से किया गया था इसलिए तोड़क कारवाई की गई है। परंतु पास ही के (मीनाक्षी नगर एवं साई कृपा कॉम्प्लेक्स) परिसर में बीते कुछ हफ़्तों पहले ही स्थानीय भूमाफियाओं द्वारा अवैध चालियों का निर्माण किया गया था, जिसकी जानकारी हमने प्रशासन से अनेक दफा दी, अखबार में खबरें प्रकाशित की , लेकिन आज तक उक्त अवैध निर्माणों पर मनपा प्रशासन द्वारा कोई कारवाई नही हुई। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मनपा अधिकारियों ने इन भूमाफियाओं से लाखों रुपये घुस ले रखी है और यह यह भूमाफिया भजपा से जुड़े होने के कारण उनपर कोई कारवाई नही हो रही।


अब इस राजनीतिक लड़ाई और मनपा में बैठे भ्रष्टाचारी अधिकारियों के कारण उन मासूम बच्चों का भविष्य दाव पर लग चुका है जो उक्त विद्यालय में पढ़ने आते थे। साथ ही उन गरीब जनता के साथ धोखाधड़ी हुई है जिन्हें यह भूमाफियाओं ने सस्ते दामों का लालच दिखा कर अवैध रूम बेचे या भाड़े पर दे रखे है। भविष्य में इन भ्रष्ट मनपा अधिकारियों का तबादला होने पर कभी न कभी अवैध निर्माण होने के कारण यह रूम भी टूट जाएंगे जिन्हें आम जनता ने अनजाने में भूमाफियाओं से खरीद रखें है। मिरा भाईंदर मनपा के संबंधित अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही कर मिरा भाईंदर शहर की आम जनता एवं बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लगाया जाये जाने की मांग की जा रही है।