अकाउंट नंबर गलत लिखने पर महिला ने गवाए 07 लाख रुपये , साइबर सेल की मदद से वापस मिले पैसे !
मीरा रोड पूर्व में रहने वाली एक महिला अपने रिश्तेदार को 07 लाख रुपये भेजना चाहती थी। दिनांक 29/06/2022 को वह अपनी फेडरल बैंक मीरा रोड शाखा में गई और रसीद भरकर ७ लाख रुपये अपने रिश्तेदार को भेज दिए। इसके बाद उन्होंने संबंधित रिश्तेदारों को 07 लाख रुपये भेजने की जानकारी दी। रिश्तेदार ने बताया कि अब तक पैसे प्राप्त नही हुए। इसलिए, जब वह महिला फिर से बैंक गई और पूछताछ की, तो पता चला कि उसने गलती से खाता संख्या ( एकाउंट नंबर ) गलत दर्ज कर दिया था और पैसे गलत बैंक खाते में जमा हो गए।
महिला तुरंत फेडरल बैंक पहुंची और ट्रांसक्शन को रद्द कर पैसे वापस पाने का अनुरोध किया। लेकिन फेडरल बैंक के मैनेजर ने उनसे कहा कि " यह राशि वापस नहीं की जा सकती क्योंकि आपने इसे स्वयं भेजा है "। इसके बाद महिला ने साइबर क्राइम कक्ष में जाकर उपरोक्त सभी तथ्य बताए और अपनी शिकायत दर्ज कराई। दर्ज शिकायत का साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से जिस खाते में महिला ने गलती से 07 लाख रुपये भेजे थे उसकी जानकारी प्राप्त की। पुलिस को पता चला की यह राशि किसी पटेल नाम के व्यक्ति के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मुंबई के खाते में जमा हुई है।
पुलिस ने यूनियन बैंक के साथ पत्र व्यवहार कर संबंधित बैंक से स्टेटमेंट , केवायसी, संपर्क नंबर आदि प्राप्त किए। प्राप्त जानकारी की समीक्षा करने पर पटेल के बैंक खाते में राशि जमा होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जब पटेल से संपर्क कर पूछताछ की तो पटेल ने बताया गया कि "मुझे लॉटरी लगनेपर 07 लाख रुपए मिले हैं।" पुलिस ने पटेल को राशि के बारे में विस्तार से बताया और महिला को उक्त राशि वापस करने का अनुरोध किया और राशि वापस न करने पर कानूनी कार्रवाई होने की चेतावनी दी। तद्नुसार उक्त बैंक खाताधारक पटेल ने दिनांक 02/07/2022 को महिला के मूल खाते में 07 लाख रुपये की राशि वापस भेज दी।
इस तरह मिरा भाईंदर वसई विरार की साइबर सेल की मदद से महिला को अपने पैसे वास मिल गए। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी को भी अपना पैसा भेजने से पहले एक बार बैंक खाते और अन्य विवरणों की जांच अवश्य करें और इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए सावधानी बरतें।
यह कारवाई विजयकांत सागर , पोलीस उप आयुक्त ( गुन्हे ) , श्री . अमोल मांडवे , सहा . पोलीस आयुक्त ( गुन्हे ) के मार्गदर्शन में पोलीस निरीक्षक श्री . सुजितकुमार गुंजकर , सपोनि / स्वप्नील वाव्हळ , पोउपनिरी / प्रसाद शेनोळकर , पोलीस अंमलदार / प्रविण आव्हाड , पोलीस अंमलदार / गणेश इलग , महीला पोलीस अंमलदार / माधूरी थिंडे महिला पोलीस अंमलदार / सुवर्णा माळी , महीला पोलीस अंमलदार / पल्लवी निकम , म.सु. ब . आकाश बोरसे की संयुक्त मेहनत से कामयाब हुई है।