353 व अन्य कलम अंतर्गत १२ लोगो पर गुन्हा दर्ज ; २ गिरफ्तार

गोल्डन नेस्ट परिसर स्तिथ रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत बनी इमारत में मीरा भायंदर मनपा द्वारा बनाये गए क्वारंटाइन सेल का स्थानीय जनता व कुछ लोकप्रतिनिधियों द्वारा बुधवार को जमकर विरोध व नारेबाजी करने वालो के खिलाफ मीरा भायंदर मनपा के प्रभाग अधिकारी नरेंद्र चव्हाण ने सरकारी काम में अड़चन डालने अवं Ipc और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम १९५१ के विभिन्न धाराओं के तहत धर्मेश पांडे , नामवर गुलजार सींग , राहुल पारेख , राजिव शुक्ल , गौरी शंकर पांडे , श्रीमती मंगला पांडे व ६ अज्ञात ऐसे कुल १२ लोगों के खिलाफ नवघर पुलिस स्टेशन में गुन्हा दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार १२ में से २ आरोपियों को नवघर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे ने साफ शब्दों में कह दिया था कि अफवाह फैलाने और क्वारंटाइन सेल का विरोध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी । ज्ञात रहे कि मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे की पार्टी शिवसेना के हरिश्चंद्र आमगांवकर , तारा घरत व स्नेहा पांडेय ने भी मनपा द्वारा बनाये गए क्वारंटाइन सेल का विरोध किया था।  पांडेय ने कहा कि मीरा रोड की डेल्टा गार्डन इमारत के पास बनाये गए क्वारंटाइन सेल को भाजपा नगरसेविका वीना भोईर के विरोध के चलते रद्द कर दिया गया था।


 


दरअसल विधायक गीता जैन के कुछ समर्थक सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे थे कि अमुख इमारत क्वारंटाइन सेल बनाने के लिए उनकी नेता ने उपलब्ध कराई है । कुछ अखबार भी इमारत का जिक्र खबर में किये थे। इसके बाद ही लोगों को उनके घर के पास में क्वारंटाइन सेल बनाये जाने का पता चला। विरोध करने वाले लोग गीता जैन के कार्यालय के बाहर नारेबाजी व हंगामा किये।  गीता जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मानवता का काम है।  विरोध करने वालों में विरोधी दल के लोग भी शामिल थे। 


हवा से नहीं फैलता कोरोना


मनपा उपायुक्त(स्वास्थ्य विभाग) डॉ. संभाजी पानपट्टे ने कहा कि कोरोना, संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से फैलता है,न कि हवा से। विदेशों से आने वाले यात्रियों को ऐतिहातन ऑब्जर्वेशन के लिए 14 दिन क्वारंटाइन सेल में रखा जाता है।  क्वारटाइन सेल में रखे गए लोग कोरोना संक्रमित नहीं होते है। अभी तक कोरोना संक्रमित एक भी मरीज शहर में नहीं मिला है। पानपट्टे ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज का उपचार कस्तूरबा अस्पताल में होता है।  आयुक्त डांगे ने मीडिया को साथ लेकर क्वारंटाइन सेल का मुआयना किया। पत्रकारों को जनकारी देते हए उन्होंने कहा कि यह क्वारंटाइन सेल है न कि आइसलेशन वार्ड। सर्दी-खांसी , तेज बुखार , सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को क्वारंटाइन सेल में 14 दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाता है। जिन व्यक्तियों में कोरोना की संभावना अधिक होती या रिपोर्ट पोजेटिव आती है तब उन लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है।